ISO Certification क्या होता है और कैसे करते है in Hindi

इस article में हम आपको बताने वाले ISO Registration क्या है  और इसके लिए registration कैसे करते है | ISO का अर्थ है International Organization for Standardisation अर्थात अंतराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन | इसकी स्थापना 23 फरवरी 1947 में हुई थी | इसका headquarters जेनेवा स्विटज़रलैंड में है |

ISO certification kaise kare

ISO Certification क्या होता है

ISO certificate एक Quality Standards Certificate है जो company, संस्था, व्यवसाय और उद्योग को दिया जाता है | ISO में 155 से भी ज्यादा देश सदस्य है | यह एक स्वतंत्र संगठन है जो किसी business के उत्पाद व सेवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और क्षमता के standards प्रदान करता है | Businesses के बीच बढ़ते हुए competition  के साथ साथ ग्राहकों को अच्छी गुणवत्ता के उत्पाद और सेवाएँ उपलब्ध करना भी जरूरी हो गया है | ISO certification आपके business की विश्वसनीयता और संपूर्ण दक्षता को सुधारने में आपकी मदद करता है| इसलिए ISO Certification बहुत जरूरी है |

ISO Certification के लाभ 

  1. अंतराष्ट्रीय विश्वसनीयता:- ISO Certification बाहरी विदेशी व्यापार में संगठन की विश्वसनीयता को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है |
  2. ग्राहक संतुष्टि:-ISO Standards संगठन के ग्राहक को सही मापदंडो में सेवाएं प्राप्त करने में मदद करता है जिससे ग्राहक को संतुष्टि मिलती है |
  3. सरकारी ठेके (Tenders):- सरकारी ठेके की बोली (bid) के लिए भी ISO Registration का होना जरूरी है |
  4. Business दक्षता:- ISO Certification से किसी भी संगठन की कार्यप्रणाली की दक्षता बढ़ती है | SOP (Standard Operating Procedurces) और कार्य आदेश में ISO certification agency की मदद से विकास होता है | ISO के implemention से संगठन में resources दक्षता बढ़ायी जा सकती है |
  5. उत्पाद गुणवत्ता:- ISO Registration मिलने पर, उत्पाद की गुणवत्ता अंतराष्ट्रीय मानदंडो के बराबर हो जाती है | यह खराब उत्पाद की वजह से आर्डर reject होने का भी जोख़िम कम करता है |
  6. Marketability: – ISO Registration व्यापार विश्वसनीयता को बढ़ाता है | यह व्यापार marketing directly में मदद करता है |

ISO Certification के लिए Application Fee

ISO Certification की fee अलग – अलग संगठन की अलग अलग होती है | यह fixed नहीं है | ISO certification agency, ISO Certification cost अलग अलग parameters के हिसाब से अलग अलग calculate होती है| ये नीचे कुछ parameters है:-

  1. संग़ठन का आकार
  2. कर्मचारीओ की संख्या
  3. संग़ठन की प्रक्रिया
  4. संगठन से जुड़े हुई सेवाओं के scope से जुड़े हुए risk का level
  5. Management system की complexity
  6. Working shifts की संख्या |

ISO Certification की प्रक्रिया का समय

ISO Certification का समय भी अलग अलग होता है | ISO Certification body, ISO certification के लिए समय संगठन के आकार को देखकर प्रक्रिया के समय की जानकारी देती है | समान्यता, ISO Certification की प्रक्रिया में कुछ इस तरह समय लगता है:-

Small Organisation: 6-8 months

Medium Organisation: 8 -12 months

Large Organisation: – 12 -15 months

ISO Certification और ISO Certification कराने से पहले हमे कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा:-

ISO Registration के प्रकार

सबसे पहले entrepreneur को business की जरूरत के हिसाब से ISO Certification का प्रकार Choose करना पड़ता है | कुछ ISO Certification के प्रकार यह दिए गए है:-

  1. ISO 9001:2008 – Quality Management System
  2. OHSAS 18001 – Occupational Health & Safety Management System
  3. ISO 37001 – Anti-bribery Management System
  4. ISO 31000 – Risk Management
  5. ISO 27001 – Information Security Management System
  6. ISO 10002 – Complaint Management System
  7. ISO 14001:2015 – Environment Management System
  8. ISO 26000 – Social Responsibility
  9. ISO 28000 – Security Management
  10. ISO 22008 – Food Safety Management
  11. SA 8000- Social Accounting
  12. ISO 639 – Language Code
  13. ISO 4217 – Currency Code
  14. ISO 3166 – Country Code
  15. ISO 8601 – Data and time format
  16. ISO 20121 – Sustainable Events

ISO Certification Body चुनना

जैसे ऊपर ISO Certification के प्रकार चुने है वैसे ही कंपनी के Certification संस्था भी चुननी होती है | Registration के लिए External Certification body की जरूरत होती है | इसलिए एक विश्वसनीय Certification body को recognize करना जरूरी है | जब Certificate body चुन लेते है तो नीचे दिए चीजों का ध्यान रखना चाहिए:-

  1. सभी serval certificate bodies को evaluate करना |
  2. Check करो Certification Body CASCO standards प्रयोग कर रही है |
  3. Certificate body मान्यता प्राप्त है या नहीं, जांचना चाहिए |

ISO Certification कैसे करते है

  • Application बनाना:- ISO standard और ISO Cerfication body चुनने के बाद entrepreneur एक application बनाता है एक निर्धारित form में | इस application में entrepreneur के right और obligation और certification body parties और जिम्मेदारी issues, confidentiality और access right शामिल होती है |
  • Registrar द्वारा documents का निरीक्षण:- ISO Cerficate body, है | संगठन द्वारा अपनाये गयी सभी policies और प्रक्रिया से related quality mannuals और documents की परख करता है | पुराने  काम  की परख से ISO registrar संभावित कमी की आवश्यक अपेक्षा से ISO मानक की पहचान करता है |
  • पूर्व निर्धारित जरूरत का आंकलन: – पूर्व निर्धारित निरीक्षण quality management system, संगठन की जरूरी कमी और system की भूल की पहचान करता है | इसलिए registrar संगठन को मौका देता है Registration के निर्धारित निरीक्षण से पहले इन कमियों को पूरा करने के लिए |
  • Action Plan ready रखना:- ISO Registrar द्वारा संगठन की कमियों बताने के बाद, applicant को हमेशा हमेशा कमियों को दूर करने के लिए action plan बनाना चाहिए | यह action plan quality management system के जरूरी कामों की list में शामिल होना चाहिए |
  • Onsite निरीक्षण और परीक्षण:– संगठन द्वारा बदलाव किये गए ISO Registrar उनका स्वयं निरीक्षण करता है | निरीक्षण के दौरान यदि registrar को लगता है कि कुछ जो ISO Stadards की कमी को पूरा नहीं करता तो Registrar कठिनाइयों को निर्धारित करता है और issues की पहचान करता है | परीक्षण में मिली कमी को असहमति कहते है और कठिनाइयों के आधार पर इसे दो भागों में रखा गया है :-
  • लघु असहमति:- ISO Standards के अनुसार यह system की छोटी कमियाँ होती है |
  • बड़ी असहमति:– जैसे की गुणवत्ता system में कमी और ग्राहक की पहुँच से बाहर जैसी बड़ी समस्या इसमें शामिल होती है |
  • अंतिम परीक्षण:- जब तक सभी कमियाँ और असहमति पूरी नहीं होती और registrar द्वारा verified नहीं होती तब तक registration की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती | Affected areas के लिए फिर से परीक्षण होता है और इसकी cost भी इसमें ही शामिल होती है |
  • ISO Certificate प्राप्त होना:- सभी असहमति पूरी करने के बाद, और सभी कमियाँ ISO audit report में सही होने के बाद, registrar ISO registration granted कर देता है |
  • Surveillance परीक्षण:- समय समय पर ISO गुणवत्ता मानक निरीक्षण के लिए संगठन का Survelliance परीक्षण होता रहता है |

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Conclustion

उत्पाद की गुणवत्ता बनाये रखने और मानक के लिए ISO registration जरूरी होता है| इस पुरे article में ISO registration कैसे करे, इसके प्रकार, इसकी उपयोगिता सभी भली प्रकार बताया गया है जो आपके  संगठन के उत्पाद की गुणवत्ता के मानक को बनाये रखने में आपकी मददगार साबित होगा |